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2026 में IVF की लागत: क्या यह ट्रीटमेंट अधिक किफ़ायती होगा?

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माता-पिता बनना हर कपल का सबसे खूबसूरत सपना होता है। लेकिन जब यह सपना नेचुरल तरीके से पूरा नहीं हो पाता, तो उम्मीद की एक नई किरण नजर आती है— IVF (In Vitro Fertilization)।

पिछले कुछ सालों में भारत में IVF तकनीक ने लाखों परिवारों को खुशियाँ दी हैं। लेकिन, इन खुशियों के बीच एक बड़ा सवाल हमेशा खड़ा रहता है— "इस ट्रीटमेंट का खर्चा कितना होगा?" जैसे-जैसे हम 2026 की तरफ बढ़ रहे हैं, मेडिकल साइंस में बहुत तेजी से बदलाव आ रहे हैं। क्या नई टेक्नोलॉजी और सरकारी नियम IVF को आम आदमी की जेब के लिए आसान बनाएंगे? या बढ़ती महंगाई इसे और महंगा कर देगी?

आज के इस ब्लॉग में हम 2026 में भारत में IVF के खर्च, नए ट्रेंड्स और पैसे बचाने के तरीकों पर विस्तार से बात करेंगे।

1. IVF क्या है?

इससे पहले कि हम पैसों की बात करें, यह समझना जरूरी है कि आखिर हम किस चीज के लिए पेमेंट कर रहे हैं।

IVF को आम भाषा में 'टेस्ट ट्यूब बेबी' भी कहा जाता है। यह एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें:

 • महिला के अंडाशय से अंडाणु यानी एग्स निकाले जाते हैं।

 • पुरुष के स्पर्म को लिया जाता है।

 • इन दोनों को लैब में मिलाया जाता है।

 • जब इनसे एम्ब्रियो यानि भ्रूण तैयार हो जाता है, तो उसे वापस महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है।

सुनने में यह छोटा लगता है, लेकिन इसमें बहुत हाई-टेक मशीनों, महंगे इंजेक्शन और एक्सपर्ट डॉक्टर्स की जरूरत पड़ती है।

2. 2026 में भारत में IVF का अनुमानित खर्च 

2026 में भारत में एक स्टैंडर्ड IVF साइकिल का खर्च ₹1,20,000 से ₹2,50,000 के बीच रहने की उम्मीद है।

हालाँकि, यह एक 'रेंज' है। असली खर्चा आपकी मेडिकल कंडीशन और शहर पर निर्भर करता है। आइए, इस खर्च को अलग-अलग हिस्सों में तोड़कर (Breakdown) समझते हैं:

IVF साइकिल के खर्च का पूरा ब्रेकडाउन (Cost Breakdown)

स्टेप (Step)

क्या होता है?

अनुमानित खर्च (₹)

1. कंसल्टेशन और टेस्ट

डॉक्टर की फीस, ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड स्कैन।

₹15,000 – ₹25,000

2. स्टिमुलेशन (Stimulation)

एग्स बढ़ाने के लिए लगने वाले हार्मोनल इंजेक्शन। (सबसे महंगा हिस्सा)

₹60,000 – ₹90,000

3. एग रिट्रीवल (Egg Retrieval)

बेहोशी (Anesthesia) देकर एग्स निकालने का प्रोसीजर।

₹30,000 – ₹50,000

4. लैब और फर्टिलाइजेशन

लैब में एग और स्पर्म को मिलाना 

₹40,000 – ₹70,000

5. एम्ब्रियो ट्रांसफर

तैयार एम्ब्रियो को यूटरस में शिफ्ट करना।

₹20,000 – ₹30,000

कुल खर्च (Total)

(दवाइयों और अस्पताल के प्रकार के अनुसार)

₹1.6 लाख – ₹2.6 लाख

> ध्यान दें: यह खर्च एक साइकिल का है। अगर पहली बार में सफलता नहीं मिली, तो दूसरी साइकिल के लिए फिर से खर्च करना पड़ सकता है।

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3. क्या 2026 में IVF सस्ता होगा?

यह सबसे बड़ा सवाल है। 2026 के लिए मार्केट के एक्सपर्ट्स की राय मिली-जुली है। कुछ चीजें इसे सस्ता बना रही हैं, तो कुछ महंगा।

क्यों हो सकता है सस्ता? 

 • मेड इन इंडिया (Make in India): पहले IVF में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर लिक्विड (Media) और इक्विपमेंट विदेश से आते थे, जो बहुत महंगे होते थे। अब भारतीय कंपनियाँ इन्हें खुद बना रही हैं। 2026 तक इनका इस्तेमाल बढ़ने से लागत कम हो सकती है।

 • बढ़ता कम्पटीशन: अब सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों (Tier-2 & Tier-3 Cities) में भी IVF सेंटर खुल रहे हैं। ज्यादा क्लिनिक होने का मतलब है—ग्राहकों को लुभाने के लिए कम दाम वाले पैकेज।

 • AI टेक्नोलॉजी: आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अब डॉक्टर बेहतर एम्ब्रियो चुन सकते हैं। इससे पहली बार में ही प्रेगनेंसी के चांस बढ़ जाते हैं। अगर साइकिल कम लगेंगी, तो ओवरऑल खर्चा अपने आप कम हो जाएगा।

क्यों हो सकता है महंगा? 

• महंगाई (Inflation): हर साल मेडिकल का खर्चा 10-15% बढ़ रहा है। डॉक्टर की फीस, स्टाफ की सैलरी और अस्पताल का किराया बढ़ने का असर आपके बिल पर दिखेगा।

• एडवांस टेक्नोलॉजी: अगर आप नॉर्मल IVF के बजाय लेटेस्ट तकनीक (जैसे लेज़र हैचिंग या जेनेटिक टेस्टिंग) चुनते हैं, तो खर्चा बढ़ेगा।

4. छिपे हुए खर्चे जो आपको पता होने चाहिए (Hidden Costs)

अक्सर अस्पतालों के विज्ञापनों में जो पैकेज (जैसे "सिर्फ 90,000 में IVF") दिखाए जाते हैं, उनमें बहुत सी चीजें शामिल नहीं होतीं। 2026 में ट्रीटमेंट प्लान करते समय इन छिपे हुए खर्चों से सावधान रहें:

• एम्ब्रियो फ्रीजिंग (Freezing Cost): अगर आपके पास एक्स्ट्रा एम्ब्रियो बच जाते हैं, तो उन्हें भविष्य के लिए फ्रीज करने का चार्ज ₹20,000 से ₹40,000 सालाना हो सकता है।

ICSI (इक्सी): अगर पुरुष के स्पर्म की क्वालिटी कमजोर है, तो नॉर्मल IVF काम नहीं करता। इसके लिए ICSI तकनीक लगती है, जिसका अलग से ₹25,000 – ₹40,000 चार्ज लगता है।

• डोनर का खर्च (Donor Cost): अगर खुद के एग्स या स्पर्म इस्तेमाल नहीं कर सकते, तो डोनर का खर्च ₹50,000 से ₹1,00,000 तक जुड़ सकता है।

• दवाइयाँ: कई पैकेज में इंजेक्शन की कीमत शामिल नहीं होती। यह आपके बिल को 50-60 हजार रुपये तक बढ़ा सकता है।

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5. फाइनेंस और इंश्योरेंस: राहत की उम्मीद?

यह सेक्शन सबसे महत्वपूर्ण है। क्या 2026 में इंश्योरेंस कंपनी आपके IVF का पैसा देगी?

• इंश्योरेंस कवरेज (Insurance Coverage): अभी तक भारत में ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में 'Infertility' कवर नहीं होती थी। लेकिन IRDAI (इंश्योरेंस रेगुलेटर) के नए नियमों और बढ़ती मांग के कारण, 2026 तक कई प्राइवेट और कॉर्पोरेट (ऑफिस की) इंश्योरेंस पॉलिसी में IVF कवर मिलने की पूरी उम्मीद है। अपनी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें।

• EMI की सुविधा: अब लगभग हर बड़ा IVF क्लिनिक 0% Interest EMI का ऑप्शन देता है। यानी आपको ट्रीटमेंट के सारे पैसे एक साथ नहीं देने, आप हर महीने कुछ हजार रुपये की किश्त देकर इलाज करवा सकते हैं। यह मध्यम वर्गीय परिवारों (Middle Class) के लिए सबसे बड़ी राहत है।

6. अपना पैसा कैसे बचाएं? 

अगर आप 2026 में ट्रीटमेंट प्लान कर रहे हैं, तो इन स्मार्ट टिप्स को अपनाएं:

• पैकेज की तुलना करें: कम से कम 3 अलग-अलग क्लिनिक में जाकर रेट पता करें। पूछें कि क्या दवाओं का खर्च पैकेज में शामिल है?

• छूट (Discount) मांगें: कई क्लिनिक कैंप या खास दिनों (जैसे Women's Day) पर भारी डिस्काउंट देते हैं।

• सही उम्र का चुनाव: 35 साल के बाद एग्स की क्वालिटी कम होने लगती है, जिससे ज्यादा इंजेक्शन (ज्यादा खर्चा) और ज्यादा साइकिल की जरूरत पड़ती है। जितनी जल्दी फैसला लेंगे, उतना सस्ता पड़ेगा।

• लोन और फाइनेंस: मेडिकल लोन देने वाली कंपनियों (Fintech) की मदद लें जो खास तौर पर IVF के लिए लोन देती हैं।

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निष्कर्ष - 

तो, क्या 2026 में IVF सस्ता होगा? जवाब है—'तकनीकी रूप से नहीं, लेकिन व्यावहारिक रूप से हाँ।' भले ही महंगाई के कारण प्राइस टैग थोड़ा बढ़ जाए, लेकिन EMI की सुविधा, मेड इन इंडिया दवाइयाँ और बढ़ते इंश्योरेंस कवरेज इसे आम लोगों की पहुँच में ला देंगे। साथ ही, टेक्नोलॉजी बढ़ने से सक्सेस रेट बढ़ेगा, जिससे बार-बार पैसा खर्च करने की नौबत नहीं आएगी।

IVF सिर्फ एक मेडिकल प्रोसीजर नहीं है, यह एक 'इन्वेस्टमेंट' है आपके परिवार के भविष्य के लिए। सही जानकारी और फाइनेंशियल प्लानिंग के साथ आप 2026 में अपने माता-पिता बनने के सपने को जरूर पूरा कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल - 

1. 2026 में भारत में IVF का औसत खर्च कितना हो सकता है?

 2026 में एक IVF साइकिल का खर्च लगभग ₹1.2 लाख से ₹2.5 लाख के बीच हो सकता है।

2. क्या IVF का खर्च हर कपल के लिए समान होता है?

 नहीं, खर्च आपकी मेडिकल कंडीशन, उम्र, चुनी गई टेक्नोलॉजी और शहर पर निर्भर करता है।

3. क्या 2026 तक IVF ट्रीटमेंट सस्ता होने की संभावना है?

टेक्नोलॉजी, मेड-इन-इंडिया प्रोडक्ट्स और EMI विकल्पों से IVF ज्यादा किफायती हो सकता है।

4. IVF पैकेज में कौन-से छिपे हुए खर्च हो सकते हैं?

दवाइयाँ, ICSI, एम्ब्रियो फ्रीजिंग और डोनर चार्ज अक्सर पैकेज में शामिल नहीं होते।

5. क्या 2026 में IVF के लिए इंश्योरेंस कवरेज मिल सकता है?

कई प्राइवेट और कॉर्पोरेट इंश्योरेंस पॉलिसी में IVF कवर मिलने की उम्मीद है।

6. IVF का खर्च कम करने के सबसे अच्छे तरीके क्या हैं?

सही समय पर ट्रीटमेंट, क्लिनिक तुलना, डिस्काउंट ऑफर और No-Cost EMI से खर्च कम किया जा सकता है।

~ Verified by Progenesis Fertility Center's Expert Doctors

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