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क्या आपकी फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक है? जानें इसके लक्षण, कारण और आसान इलाज

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जब हम महिला स्वास्थ्य और प्रेगनेंसी की बात करते हैं, तो अक्सर "फैलोपियन ट्यूब" (Fallopian Tube) का नाम सुनने को मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये असल में क्या हैं? ये महिलाओं के शरीर में कहाँ होती हैं और इनका इतना ज़रूरी काम क्या है?

कई बार महिलाओं को गर्भधारण (Conceive) करने में दिक्कत होती है और जब वो डॉक्टर के पास जाती हैं, तो उन्हें पता चलता है कि उनकी ट्यूब्स में कोई प्रॉब्लम है। इसलिए, हर महिला के लिए अपने शरीर के इस अंग को समझना बहुत ज़रूरी है।

आज के इस ब्लॉग में हम फैलोपियन ट्यूब्स के बारे में कुछ जरूरी बातें जानेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं!

1. फैलोपियन ट्यूब क्या है? 

सरल शब्दों में कहें तो, फैलोपियन ट्यूब्स मांसपेशियों (Muscles) से बनी दो पतली नलियाँ या 'ट्यूब्स' होती हैं। ये महिला के रिप्रोडक्टिव सिस्टम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

ये ट्यूब्स ओवरी (अंडाशय) को यूटेरस (गर्भाशय या बच्चेदानी) से जोड़ने का काम करती हैं। हर महिला के शरीर में दो फैलोपियन ट्यूब होती हैं - एक दाईं तरफ और एक बाईं तरफ।

इनका मुख्य काम अंडे (Egg) को ओवरी से यूटेरस तक पहुँचाना है। यही वो जगह है जहाँ "फर्टिलाइजेशन" (Fertilization) होता है, यानी जहाँ पुरुष का स्पर्म (Sperm) और महिला का एग (Egg) आपस में मिलते हैं। अगर ये ट्यूब्स ठीक से काम न करें, तो नेचुरल तरीके से प्रेगनेंसी होना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

2. फैलोपियन ट्यूब कैसे काम करती है?

फैलोपियन ट्यूब का काम सिर्फ़ एक रास्ता देना नहीं है, बल्कि यह एक एक्टिव रोल निभाती है। आइए इसे स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं:

स्टेप 1: एग को पकड़ना (Egg Pickup)

हर महीने, महिला की ओवरी (Ovary) से एक मैच्योर एग यानि परिपक्व अंडा रिलीज़ होता है जिसे "ओव्यूलेशन" (Ovulation) कहते हैं। जैसे ही एग बाहर आता है, फैलोपियन ट्यूब की उंगलियों जैसी संरचना (Fimbriae) उसे अपनी ओर खींच लेती है और ट्यूब के अंदर ले आती है।

स्टेप 2: स्पर्म और एग का मिलन (Fertilization)

शारीरिक संबंधों के बाद, स्पर्म यूटेरस से होते हुए फैलोपियन ट्यूब की तरफ तैरते हैं। अगर इस समय वहां एग मौजूद है, तो ट्यूब के 'एम्पुला' वाले हिस्से में स्पर्म एग को फर्टिलाइज कर देता है। यही किसी नन्हीं जीवन की शुरुआत है।

स्टेप 3: एम्ब्रियो को यूटेरस तक पहुँचाना (Transport)

फर्टिलाइजेशन के बाद, जो एम्ब्रियो (भ्रूण) बनता है, उसे ट्यूब वापस यूटेरस की तरफ धकेलती है। ट्यूब के अंदर छोटे-छोटे बाल जैसे रेशे होते हैं जिन्हें "सिलिया" (Cilia) कहते हैं। ये सिलिया धीरे-धीरे एम्ब्रियो को बच्चेदानी की तरफ खिसकाते हैं। इस सफ़र में लगभग 3 से 4 दिन लगते हैं।

अगर ट्यूब ब्लॉक हो या डैमेज हो, तो एग और स्पर्म मिल नहीं पाते, या फिर एम्ब्रियो यूटेरस तक नहीं पहुँच पाता।

यह भी पढ़ें: ब्लॉक या डैमेज फैलोपियन ट्यूब के साथ गर्भधारण कैसे करे?

3. फैलोपियन ट्यूब में होने वाली समस्याएं 

दुर्भाग्य से, कई बार इन ट्यूब्स में कुछ समस्याएं आ जाती हैं जो इनफर्टिलिटी (नि:संतानता) का बड़ा कारण बनती हैं। आइए मुख्य समस्याओं के बारे में जानते हैं:

(A) ट्यूब का बंद होना (Blocked Fallopian Tubes)

इसे मेडिकल भाषा में "Tubal Factor Infertility" कहते हैं। अगर रास्ता बंद है, तो स्पर्म एग तक नहीं पहुँच पाएगा।

 • कारण: इन्फेक्शन, पिछली कोई सर्जरी, या टीबी (Tuberculosis)।

 • असर: नेचुरल प्रेगनेंसी नहीं हो पाती।

(B) पी.आई.डी. (Pelvic Inflammatory Disease - PID)

यह एक तरह का इन्फेक्शन है जो सेक्सुअल ट्रांसमिटेड बैक्टीरिया (जैसे क्लैमाइडिया या गोनोरिया) की वजह से होता है। यह इन्फेक्शन ट्यूब्स में सूजन पैदा कर देता है और उन्हें अंदर से चिपका सकता है या डैमेज कर सकता है।

(C) एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic Pregnancy)

यह एक बहुत ही खतरनाक स्थिति है। इसमें फर्टिलाइज्ड एग यूटेरस में जाने के बजाय फैलोपियन ट्यूब के अंदर ही चिपक जाता है और वहीं बढ़ने लगता है।

• चूंकि ट्यूब बहुत पतली होती है, वह बढ़ते हुए एग को संभाल नहीं सकती और फट (Rupture) सकती है।

• यह जानलेवा हो सकता है और इसमें तुरंत सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है।

(D) हाइड्रोसालपिनक्स (Hydrosalpinx)

कभी-कभी इन्फेक्शन की वजह से ट्यूब का अंतिम सिरा बंद हो जाता है और ट्यूब के अंदर गंदा पानी या फ्लूइड (Fluid) भर जाता है। इसे हाइड्रोसालपिनक्स कहते हैं। यह गंदा पानी यूटेरस में गिरकर अच्छे एम्ब्रियो को भी खराब कर सकता है, जिससे IVF फेल हो सकता है।

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4. फैलोपियन ट्यूब की समस्याओं के लक्षण 

सबसे बड़ी बात यह है कि अक्सर फैलोपियन ट्यूब की समस्याओं के कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते। कई महिलाओं को पता ही नहीं चलता कि उनकी ट्यूब ब्लॉक है जब तक कि वो प्रेगनेंसी के लिए कोशिश नहीं करतीं।

फिर भी, कुछ संकेत हो सकते हैं:

 • पेट के निचले हिस्से में दर्द: लगातार हल्का दर्द रहना (Pelvic Pain)।

 • पीरियड्स में बहुत दर्द: सामान्य से ज्यादा दर्द होना।

 • अनियमित डिस्चार्ज: वजाइना से अजीब तरह का डिस्चार्ज होना।

 • प्रेगनेंसी न होना: अगर आप एक साल से कोशिश कर रहे हैं और गर्भ नहीं ठहर रहा, तो यह ट्यूब ब्लॉक होने का संकेत हो सकता है।

• एक्टोपिक प्रेगनेंसी के लक्षण: एक तरफ तेज दर्द, ब्लीडिंग, और चक्कर आना।
 

5. जांच और निदान (Diagnosis & Tests)

डॉक्टर कैसे पता लगाते हैं कि आपकी ट्यूब्स खुली हैं या बंद? इसके लिए कुछ खास टेस्ट होते हैं:

• HSG (Hysterosalpingography): यह सबसे कॉमन टेस्ट है। इसमें बच्चेदानी के रास्ते एक खास तरह की डाई (Dye) डाली जाती है और फिर X-ray लिया जाता है। अगर डाई ट्यूब्स से होकर बाहर निकल जाती है, तो मतलब ट्यूब्स खुली हैं। अगर डाई रुक जाती है, तो ब्लॉकेज है।

• SSG (Sonosalpingography): यह HSG जैसा ही है लेकिन इसमें X-ray की जगह अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) और पानी (Saline water) का इस्तेमाल होता है।

• लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy): इसे "गोल्ड स्टैंडर्ड" माना जाता है। इसमें बेहोशी देकर पेट में एक छोटा सा छेद किया जाता है और कैमरा डालकर सीधे ट्यूब्स को देखा जाता है। यह सबसे सटीक (Accurate) तरीका है।

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6. इलाज के विकल्प (Treatment Options)

अगर टेस्ट में पता चले कि ट्यूब्स में दिक्कत है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की कर ली है। इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या कितनी गंभीर है।

1. दवाइयां:

अगर हल्का-फुल्का इन्फेक्शन है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) देकर उसे ठीक कर सकते हैं।

2. सर्जरी:

 • ब्लॉकेज खोलना: अगर ब्लॉकेज छोटा है, तो लैप्रोस्कोपी सर्जरी के जरिए डॉक्टर उसे खोल सकते हैं।

 • हाइड्रोसालपिनक्स: अगर ट्यूब में पानी भरा है, तो उसे क्लिप (Clip) कर दिया जाता है या निकाल दिया जाता है ताकि वह यूटेरस को नुकसान न पहुँचाए।

3. आई.वी.एफ (IVF):

अगर दोनों ट्यूब्स पूरी तरह से ब्लॉक हैं या बहुत ज्यादा डैमेज हैं, तो नेचुरल प्रेगनेंसी संभव नहीं होती। ऐसे में IVF (Test Tube Baby) सबसे अच्छा विकल्प है।

 • IVF में फैलोपियन ट्यूब की ज़रूरत नहीं होती। इसमें डॉक्टर एग को सीधे ओवरी से निकालते हैं, लैब में स्पर्म के साथ मिलाते हैं, और तैयार एम्ब्रियो को सीधे यूटेरस में रख देते हैं।
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7. फैलोपियन ट्यूब को हेल्दी रखने के टिप्स

अपनी फर्टिलिटी और ट्यूब्स को स्वस्थ रखने के लिए आप ये कदम उठा सकती हैं:

• इन्फेक्शन से बचें: जेनिटल हाइजीन (Genital Hygiene) का ध्यान रखें। अगर आपको व्हाइट डिस्चार्ज, खुजली या बदबू की समस्या है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

• सुरक्षित संबंध: कई बार ट्यूब्स का डैमेज सेक्सुअल इन्फेक्शन (STD) से होता है। प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करें।

• धूम्रपान छोड़ें : स्मोकिंग करने से ट्यूब्स के अंदर के छोटे बाल (Cilia) डैमेज हो जाते हैं, जिससे एक्टोपिक प्रेगनेंसी का खतरा बढ़ जाता है।

• हेल्दी डाइट: विटामिन सी, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और आयरन से भरपूर खाना खाएं। हरी सब्जियां, फल और नट्स को अपनी डाइट में शामिल करें।

• वजन कंट्रोल रखें: बहुत ज्यादा वजन या बहुत कम वजन हार्मोन्स को बिगाड़ सकता है, जिसका असर फर्टिलिटी पर पड़ता है।

• रेगुलर चेकअप: साल में एक बार अपनी गाइनकोलॉजिस्ट (Gynecologist) से रूटीन चेकअप ज़रूर करवाएं।

यह भी पढ़ें: आईवीएफ उपचार की आवश्यकता किसे और कब होती है?

निष्कर्ष -

फैलोपियन ट्यूब्स आकार में भले ही छोटी हों, लेकिन एक महिला के माँ बनने के सपने को पूरा करने में इनका रोल सबसे बड़ा होता है। इनकी सेहत का ध्यान रखना उतना ही ज़रूरी है जितना शरीर के बाकी अंगों का।

अगर आपको प्रेगनेंसी प्लान करने में दिक्कत आ रही है या पेट के निचले हिस्से में अक्सर दर्द रहता है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। याद रखें, ब्लॉकेज या इन्फेक्शन का मतलब यह नहीं है कि आप कभी माँ नहीं बन सकतीं—आज के समय में सही इलाज और तकनीक से सब कुछ मुमकिन है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या सिर्फ़ एक फैलोपियन ट्यूब के साथ प्रेग्नेंट हो सकते है?

हाँ, अगर आपकी दूसरी ट्यूब पूरी तरह स्वस्थ और खुली है, तो आप नेचुरल तरीके से माँ बन सकती हैं।

2. फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक है ये कैसे पता चलेगा?

इसका कोई बाहरी लक्षण नहीं होता, सही पता सिर्फ़ HSG टेस्ट या लैप्रोस्कोपी जांच से ही चलता है।

3. क्या बंद फैलोपियन ट्यूब्स को दवाओं से खोला जा सकता है?

मामूली इन्फेक्शन दवाओं से ठीक हो सकता है, लेकिन पुरानी ब्लॉकेज के लिए सर्जरी या IVF की ज़रूरत होती है।

4. क्या HSG टेस्ट में बहुत दर्द होता है?

इसमें सिर्फ़ कुछ मिनटों के लिए पीरियड्स जैसा हल्का दर्द या ऐंठन (Cramps) महसूस हो सकती है।

5. अगर दोनों ट्यूब्स ब्लॉक हैं, तो क्या विकल्प हैं?

ऐसी स्थिति में IVF (टेस्ट ट्यूब बेबी) तकनीक ही प्रेगनेंसी के लिए सबसे अच्छा और सफल विकल्प है।

~ Verified by Progenesis Fertility Center's Expert Doctors

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