IUI असफल होने के कारण और असफल IUI के बाद सफल गर्भधारण की संभावना

IUI failure in Hindi | causes & symptoms of iui failure

IUI या इंट्रायूटरिन इन्सेमिनेशन ये एक प्रथम श्रेणी में किया जाने वाला (fertility treatment) फर्टिलिटी ट्रीटमेंट है। जिसकी शिफारिश अक्सर इनफर्टिलिटी से परेशान कपल्स को दी जाती है। लेकिन कभी-कभी कपल्स को असफल आईयूआई (IUI failure in Hindi) का सामना करना पड़ता है जिसके कई कारण हो सकते हैं।

IUI फेलिअर के बाद आगे क्या? IUI असफल होने के बाद सफल गर्भधारण की कितनी संभावना है? आइए इसे बेहतर समझते हैं।

लेकिन सबसे पहले समझना होगा IUI ट्रीटमेंट ही क्यों? क्‍योंकि PCOS, एनोव्यूलेशन (anovulation) या शुक्राणु की समस्या से जूझ रहे कपल्स के लिए आईयूआई (IUI treatment in Hindi) सबसे उपयुक्‍त उपचार विकल्‍प है।
अधिकांश कपल्स आईयूआई को प्राधान्य देते हैं क्योंकि यह शुक्राणु को अंडे के करीब रखकर प्राकृतिक गर्भधारण की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। साथ ही, यह ट्रीटमेंट अन्य फर्टिलिटी उपचारों से किफायती है।
पर आईयूआई के सफलता दर (IUI success rates in Hindi) अन्य एडवांस्ड फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स की तुलना में कम है।

प्रोजेनेसिस के मुख्य IVF कंसल्टेंट डॉ. नरहरी मालगांवकर कहते है, “एक फर्टिलिटी विशेषज्ञ (IVF doctor) के रूप में मुझे पूछे जाने वाले सबसे आम प्रश्नों में से एक है, “IUI फेल क्यों होता है?

क्योंकि इंट्रायूटरिन इन्सेमिनेशन (IUI) में बहुत सारे व्हेरिएबल्स शामिल होते हैं। यदि आप प्रोजेनेसिस में ट्रीटमेंट ले रहे है तो हम आपकी फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय और शुक्राणु की गुणवत्ता देखकर ट्रीटमेंट की शुरवात करेंगे।
लेकिन अगर किसी अन्य फर्टिलिटी क्लीनिक में आपके सभी चेकअप और टेस्ट नार्मल होकर भी आईयूआई असफल हो जाता है, तो इसका क्या कारण है? (IUI failure reasons)

आपके IUI ट्रीटमेंट साइकल की सफलता (IUI success in Hindi) में कई घटको का योगदान हैं। जैसे:

  • स्त्रीबीजो की गुणवत्ता।
  • फैलोपियन ट्यूब में शुक्राणु और अंडे का मिलन।
  • भ्रूण का गर्भाशय में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित होना।

उपचार के प्रत्येक चरण को सही ढंग से करना महत्वपूर्ण है। यदि एक भी प्रक्रिया गलत हो, तो आईयूआई असफल (IUI failure in Hindi) होने की संभावना बढ़ जाती है।

आईयूआई फेल क्यों होता है? Reasons for IUI failure

आईयूआई सफलता कॅल्क्युलेट करना कठिन है। सब कपल्स के ओवरऑल फर्टिलिटी हेल्थ पर निर्भर करता है। इसी वजह से ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले कपल में इनफर्टिलिटी के कारणों का उचित मूल्यांकन आवश्यक है।साथ ही आईयूआई फेलिअर (IUI failure in Hindi) से जुड़े अन्य कारणों जैसे
(main reasons for IUI failure) मोटापा, थायरॉइड आदि पर भी विचार करना जरूरी है।

हालांकि आईयूआई का उद्देश्य गर्भावस्था की संभावना बढ़ाना है, इसका सक्सेस रेट बता पाना मुश्किल है। क्योकि ट्रीटमेंट के बाद हर कपल की शारीरिक प्रतिक्रिया अलग होती है।

आईयूआई फेल होने के कारण:

IUI फेलियर (IUI treatment failure in Hindi) के कॉमन कारण है:

  • महिला की अधिक उम्ब्र
  • शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता
  • लो ओव्हेरिअन रसर्व
  • गर्भाधान का समय
  • अनएक्सप्लिनेड इंफेर्टिलिटी (unexplained infertility)
  • अन्य अज्ञात इनफर्टिलिटी की स्थिति

अंडो की ख़राब क्वालिटी (Poor egg quality treatment): जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती है, उसके अंडों की गुणवत्ता में गिरावट आने लगती है। खराब गुणवत्ता वाले अंडों में क्रोमोसोमल ऍबनॉर्मलीटीएस (chromosomal abnormalities) होने की संभावना अधिक होती है, जिससे भ्रूण का निर्माण स्वस्थ नहीं हो पाता।
बढ़ती उम्र: IUI जैसे उपचारों पर विचार करते समय उम्र एक निर्णायक कारक है। ये सच है की उम्र के साथ पुरुष और महिला की फर्टिलिटी हेल्थ में गिरावट आती है। जो न केवल नैचुरल गर्भधारणा की क्षमता को प्रभावित करता है बल्कि फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स की प्रभावशीलता को भी प्रभावित कर सकता है।
शुक्राणु की खराब गुणवत्ता (Poor sperm quality): जैसे-जैसे पुरुष की उम्र बढ़ती है, शुक्राणु की गुणवत्ता, मात्रा और गतिशीलता में गिरावट आने लगती है। इसलिए, जब फर्टिलिटी की बात हो, तो पुरुषों की उम्र पर भी विचार करना उतना ही जरूरी है।
गर्भाधान का समय: यदि ओव्यूलेशन के 12-24 घंटों के भीतर कोई शुक्राणु मौजूद नहीं हो, तो फैलोपियन ट्यूब में अंडा ढह जाएगा। इसलिए, जिस समय शुक्राणु अंडे तक पहुंचता है, उस समय का बहुत महत्व होता है।
एंडोमेट्रियल अस्तर: एक सफल गर्भावस्था के लिए एक स्वस्थ गर्भाशय अस्तर आवश्यक है। पतली या ख़राब एंडोमेट्रियल लाइनिंग एक फर्टिलाइज्ड अंडे को यूटेरलाइन लाइनिंग से जुड़ने में मुश्किल सकती है।
लो ओव्हेरिअन रिझर्व (low ovarian reserve treatment in Hindi): कई महिलाओं को अनियमित ओव्यूलेशन की समस्या का सामना करना पड़ता है जिससे अंडे के उत्पादन में समय से ज्यादा देरी होती है। इस स्तिथी में फर्टिलाइज़ेशन की प्रक्रिया समय पर नहीं हो पाती और गर्भधारण करने में कठिनाई निर्माण होती है।
प्रोजेस्टेरोन: प्रोजेस्टेरोन को मेडिकल भाषा में ‘द प्रेग्नन्सी हार्मोन’ भी कहा जाता है । अक्सर महिलाएं प्रोजेस्टेरोन की कमी से पीड़ित होती हैं और उन्हें गर्भधारण करने में कठिनाई होती है। इस हार्मोन की कमी आईयूआई फेल होने का एक प्रमुख कारण है। (causes of IUI failure)

IUI विफलता के लक्षण

IUI Fail Hone Ke Lakshan

आईयूआई फेलिअर (IUI failure symptoms) के कोई विशिष्ट लक्षण नहीं हैं। ज्यादातर मामलों में, असफल गर्भपात हो सकता है।
इसी के साथ IUI फेल होने के अन्य लक्षणों को भी देखना जरूरी है। (IUI treatment failure in Hindi)

  • पीरियड्स की शुरवात होना
  • असामान्य योनि स्राव
  • तीव्र क्रॅम्पिंग या अस्वस्थता

कितने IUI प्रयास करना योग्य है?

IUI सायकल में 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के लिए 10-20 प्रतिशत सक्सेस रेट की संभावना है। जैसे-जैसे साइकल्स की संख्या बढ़ती है, वैसे ही गर्भधारण की संभावना भी बढ़ जाती है। इसी कारण IUI के तीन साइकल्स की कोशिशों के बाद प्रेग्नेंसी की संभावना 30-60% प्रतिशत तक बढ़ती है।

फर्टिलिटी डॉक्टर 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के लिए आईवीएफ पर विचार करने से पहले आईयूआई की सलाह देते हैं, उम्र के महत्वपूर्ण प्रभाव को देखते हुए। इनमें से कुछ कपल्स में सावधानी बरतने पर यह संख्या IUI के ६ साइकल्स तक बढ़ाई जा सकती है। यदि आपकी उम्र 35 वर्ष से अधिक है, तो आपके डॉक्टर IUI के बजाय IVF की सिफारिश कर सकते है।

साथ ही बढ़ती उम्र के साथ ओव्हेरिअन रिसर्व में भी कमी आ जाती है इसीलिए कोई भी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले ओव्हेरिअन रिसर्व की जांच करवाना उचित रहेगा।

IUI Fail Hone Ke Baad Kya?

यदि २-३ IUI साइकल्स के बाद भी किसी कपल को सक्सेस नहीं मिल पता, (IUI treatment failure reasons) तो आपके IVF डॉक्टर विभिन्न विकल्पों की सिफारिश कर सकते है। साथ ही इनफर्टिलिटी के अन्य कारणों का अध्ययन करना भी उतना ही जरुरी है।
आम तौर पर, २-३ IUI फेलिअर के (IUI failure in Hindi) बाद कपल्स IVF के बारे में सोचते है। IVF के सफलता दर को देखते हुए कपल्स को IVF अक्सर एक बेहतर विकल्प लग सकता है। (IUI success after ivf failure)
(chances of natural pregnancy after failed IUI) इसी के साथ कुछ केसेस में कई IUI फेलिअर्स (IUI failure in Hindi) के बाद अचानक नेचुरल प्रेग्नेंसी (natural pregnancy after failed IUI) रहने की भी संभावना है। (pregnant after failed IUI)
अंत में ये फैसला आपको और आपके डॉक्टर को लेना है कि कौन से विकल्प आपके लिए सही हैं। हम जानते है फर्टिलिटी ट्रीटमेंट से गुजरना आसान नहीं है। ट्रीटमेंट असफल होने पर आपके आर्थिक भावनिक, और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है जिसके परिणामस्वरूप निराशा आना स्वाभाविक है।
लेकिन यह सच है कि एक या दो आईयूआई फेलिअर्स (IUI failure in Hindi) का मतलब ये नहीं कि आईयूआई कभी सफल नहीं होगा। कई बार आपको अधिक समय या एक अलग उपचार योजना की आवश्यकता हो सकती है।

बार-बार आईयूआई विफल क्यों होते है? (IUI failure in Hindi)

आपकी पूरी स्तिथी का अध्ययन और सही व सफल IUI ट्रीटमेंट के लिए जिम्मेदार सारे कारणों का अभ्यास प्रोजेनेसिस में किया जाता है । आपके हर प्रश्न का उत्तर और आवश्यक हर सेवा प्राप्त करे वो भी एक ही छत के नीचे!

प्रोजेनेसिस आईवीएफ के फर्टिलिटी डॉक्टरो से आपकी स्तिथी और फर्टिलिटी ट्रीटमेट के बारे में अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे: +91 70309 44041/ 94239 71620

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हा ब्लॉग मराठीमध्ये वाचण्यासाठी ह्या लिंक वर क्लिक करा: IUI Failure in Marathi

Read in English: Causes of IUI Failure and Chances of Successful Pregnancy After Failed IUI

अधिकतम पूछे जाने वाले प्रश्न:

क्या IUI प्रक्रिया में दर्द होता है?

जवाब: आईयूआई प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया की आवश्यकता नहीं होती। आपको थोड़ा अस्वस्थ महसूस हो सकता है लेकिन आपको दर्द नहीं होता है।

क्या आईयूआई के बाद यात्रा कर सकते है?

जवाब: हां, यदि आप इंजेक्शन से दी जाने वाली फर्टिलिटी दवाओं का उपयोग नहीं कर रही हैं, तो आप IUI ट्रीटमेंट हो चुके महीने में यात्रा कर सकती हैं।

क्या आईयूआई ट्रीटमेंट के बाद आराम करना जरूरी है?

जवाब: आईयूआई के बाद आराम करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि गर्भाधान के पांच मिनट से भी कम समय में शुक्राणु फैलोपियन ट्यूब में पहुंच जाते हैं।

इसके अतिरिक्त, स्वस्थ शुक्राणु एक महिला के गर्भाशय में चार या पांच दिनों तक जीवित रह सकते हैं।

क्या IUI के अगले दिन ऑफिस जा सकते है?

जवाब: ट्रीटमेंट के बाद, आप आमतौर पर दैनिक गतिविधियों को फिर से शुरू कर सकती है। बस खयाल रखे के आप काम तीव्रता वाले शारीरिक व्यायाम और काम करे।

आईयूआई के लिए कौन सा दिन सही है?

जवाब: आईयूआई ट्रीटमेंट ओव्यूलेशन का पता चलने के एक दो दिन बाद किया जाता है।

आईयूआई फेल होने के बाद क्या करें?

जवाब: आपकी स्थिति के आधार पर, आपके आईवीएफ डॉक्टर आपके लिए आगे के उचित उपचार का सुझाव देंगे।

आईयूआई फेल होने के क्या कारण हैं?

जवाब:

  • महिलाओं की बढ़ती उम्ब्र
  • शुक्राणु की खराब गुणवत्ता
  • लो ओव्हेरिअन रिसर्व
  • गर्भाधान का गलत समय
  • अनएक्सप्लिनेड इंफेर्टिलिटी (unexplained infertility)
  • अन्य अज्ञात इनफर्टिलिटी की समस्या

आईयूआई फेलिअर के लक्षण क्या हैं? (IUI failure symptoms)

जवाब: आईयूआई फेलिअर के कोई विशिष्ट लक्षण नहीं हैं। ज्यादातर मामलों में, असफल गर्भपात हो सकता है।
इसके साथ ही आईयूआई फेल होने के अन्य लक्षणों में शामिल है:

  • पीरियड्स की शुरवात होना
  • असामान्य योनि स्राव
  • तीव्र क्रॅम्पिंग या अस्वस्थता

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